Dawood Ibrahim के भाई Iqbal Kaskar को 7 दिन की ED कस्टडी में भेजा गया

Dawood Ibrahim brother Iqbal Kaskar: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके करीबियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इकबाल कासकर को आज गिरफ्तार कर लिया. ED ने इकबाल को कोर्ट में पेश किया. अदालत ने दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को 7 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है. इकबाल कासकर के खिलाफ ठाणे पुलिस ने एक्टोर्शन का मामला दर्ज किया था और इसी मामले में उसे साल 2017 में गिरफ्तार किया गया था, तब से ही वह जेल में है. हाल ही में NIA ने दाऊद इब्राहिम के खिलाफ मामला दर्ज किया है. NIA को जानकारी मिली थी कि दाऊद एक अंतरराष्ट्रीय टेरर नेटवर्क चला रहा है जिसका नाम D-कंपनी दिया गया है.

जानकारी के मुताबिक दाऊद हथियारों की तस्करी, नार्को टेरोरिज्म, अंडरवर्ल्ड क्रिमिनल सिंडिकेट, मनी लॉन्ड्रिंग, फेक इंडियन नोट को सर्कुलेट करना और अवैध रूप से लोगों को आतंक को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग करवाने जैसे काम लश्कर- ए- तैयबा (LeT), जैश- ए- मोहम्मद (JeM), अल क़ायदा (AQ) और दूसरे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के लिए कर रहा है. दाऊद इब्राहिम जबसे भारत से भाग तब से उसके गलत कामों को हाजी अनिस उर्फ़ अनिस इब्राहिम शेख़, शकील शेख़ उर्फ़ छोटा शकील, ज़ावेध पटेल उर्फ़ ज़ावेध चिकना, टाइगर मेमन कंट्रोल कर रहे हैं.

नेताओं, व्यापारियों पर हमले के लिए दाऊद ने स्पेशल यूनिट बनाया

NIA ने अपनी FIR में यह भी कहा है कि दाऊद ने स्पेशल यूनिट बनाया है जो कि भारत के नेता, व्यापारी और दूसरे बड़े लोगों को निशाना बना सकती है. इसके लिए विस्फोटक, ख़तरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हीं दोनों FIR के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी है. ED ने कोर्ट को बताया कि उनको जांच में पता चला कि इक़बाल को भारत में जब डिपोर्ट किया गया तब से वो भारत में सेलिब्रिटी और व्यापारियों से पैसे वसूली करने के लिए अपने भाई की इमेज को दिखाकर डराता था.

इक़बाल कासकर अपने गुर्गों का इस्तेमाल कर दाऊद के लिए पैसों की वसूली करता था. ED को सबूत मिले हैं जिससे यह साबित होता है कि कासकर नियमित रूप से दाऊद के पैसों को जमा करता आया है. जांच में यह भी पता चला है कि इक़बाल कासकर D गैंग का ख़ास सदस्य है, जो कि धमकी देना और वसूली करने जैसे गैरक़ानूनी काम में संलग्न है. जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इक़बाल कासकर ने एक फ़्लैट और 90 लाख रुपये इस गैरक़ानूनी काम करके प्राप्त किए हैं.

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