रूस के बॉर्डर के नजदीक संघर्ष में यूक्रेन के सैनिक की मौत, जानिए क्या हैं वहां ताजा हालात

Clashes Near Russia Border: यूक्रेन की सेना ने शनिवार को एक सैनिक की पहली मौत की सूचना दी. इसके साथ ही यूक्रेन ने मॉस्को समर्थित विद्रोहियों पर तेजी से बढ़ते हमलों का आरोप भी लगाया. पूर्वी यूक्रेन के लिए संयुक्त सैन्य कमान ने कहा कि रूसी सीमा के पास दो अलगाववादी क्षेत्रों में चल रहे संघर्ष क्षेत्र में एक सैनिक की जान चली गई है. यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस ने कहा कि शुक्रवार को हमलों के दौरान उसके दो कर्मचारी घायल हो गए थे.

पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी नेताओं ने क्षेत्र में हिंसा बढ़ने और इसकी आड़ में रूस के आक्रमण करने के पश्चिमी देशों की आशंका के बीच शनिवार को पूर्ण सैन्य लामबंदी का आदेश दिया. दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस समर्थक अलगाववादी सरकार के प्रमुख डेनिस पुशिलिन ने शनिवार को एक बयान जारी कर पूर्ण सैन्य लामबंदी की घोषणा की और रिजर्व बल के सदस्यों से सैन्य भर्ती कार्यालय में आने का अनुरोध किया.

लुहांस्क में एक अन्य अलगाववादी नेता लियोनिद पेसेचनिक ने भी ऐसी ही घोषणा की है. पुशिलिन ने यूक्रेन की सेना से ‘‘आक्रमण के आसन्न खतरे’’ का हवाला दिया है. हालांकि, यूक्रेन के अधिकारियों ने इन आरोपो से इनकार कर दिया है. अलगाववादी और यूक्रेन के सैनिक तकरीबन आठ वर्षों से लड़ रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों को अलग करने वाली सीमा पर हिंसा हाल के दिनों में बढ़ गयी है, जिसमें दोनेत्स्क में एक कार में बम विस्फोट और एक मानवीय काफिले पर बमबारी भी शामिल है.

ऐसा अनुमान है कि रूस ने यूक्रेन के साथ लगती सीमा पर 1,50,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है. हाल के दिनों में क्षेत्र में यूक्रेन की सेना और रूस समर्थक विद्रोहियों के बीच हिंसा बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया है. इस हिंसा को लेकर पश्चिम देशों ने आशंका जतायी है कि मॉस्को इसकी आड़ में हमला कर सकता है. दोनेत्स्क और लुहांस्क में अलगाववादी प्राधिकारियों ने शुक्रवार को महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों को पड़ोसी रूस भेजने की घोषणा की थी. इन प्रयासों के तुरंत बाद विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में कई विस्फोट हुए थे.

वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि उन्हें यकीन है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन और उसकी राजधानी कीव पर आक्रमण करने का फैसला कर लिया है. पुशिलिन ने कहा कि महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पहले जाएंगे और रूस ने उनके रहने का बंदोबस्त किया है. उन्होंने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेन्स्की इलाके में जल्द ही आक्रमण का आदेश देने जा रहे हैं. प्राधिकारियों ने दोनेत्स्क में एक अनाथालय से बच्चों को निकालना शुरू कर दिया है और अन्य निवासी भी रूस जाने वाली बसों में सवार हो रहे हैं। गैस स्टेशनों पर लंबी कतारें लग गयी हैं, क्योंकि ज्यादातर लोगों ने खुद से जाने की तैयारी कर ली है।

पुतिन ने सरकार को क्षेत्र को छोड़कर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को करीब 130 डॉलर देने का आदेश दिया है जो युद्धग्रस्त दोनबास क्षेत्र में औसत मासिक वेतन का आधा है. अलगाववादी अधिकारियों के मुताबिक, विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों से शनिवार सुबह तक 6,600 से अधिक निवासियों को रूस ले जाया गया. पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी संघर्ष 2014 में शुरू हुआ और इसमें 14,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

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