मुंडका अग्निकांड में देवदूत बनकर आए क्रेन ड्राइवर्स, 50 से ज्यादा महिलाओं को बचाया

Mundka Fire: दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के ठीक पास एक इमारत में लगी भीषण आग में 27 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना शुक्रवार तकरीबन शाम 4 बजे की है. घटना के वक्त का एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक क्रेन लगातार लोगों की मदद करते नज़र आयी. 

एबीपी न्यूज़ की टीम ने क्रेन चालकों से बात की. क्रेन चालक अनिल तिवारी और दयानंद तिवारी ने बताया कि दोनों 25 साल से क्रेन चलाने का काम कर रहे हैं. दोनों के अनुसार शाम 4 बजे वो इलाके से गुजर रहे थे तो उन्होंने देखा कि सामने वाली बिल्डिंग से लगातार धुंआ निकल रहा है. उसके बाद क्रेन चालकों ने क्रेन की मदद से डिवाइडर तोड़ा और सड़क के दूसरी ओर जहां बिल्डिंग में आग लगी थी वहां पहुंचे.

50 से ज्यादा लोगों को क्रेन की मदद से बचाया गया- क्रेन चालक

बिल्डिंग के पास पहुंच कर उन्होंने देखा कि लोग लगातार मदद के लिए चिल्ला रहे हैं. दूसरे माले के छत से कुछ धुआ निकल रहा है. वहीं पहले माले में आग की लपटें नजर आ रही थी. उसके बाद उन्होंने क्रेन की मदद से दूसरे माले के शीशे को तोड़ा और लोगों को बाहर लाने की कोशिश करने लगे. अंदर फंसे लोगों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी जिन्हें क्रेन की मदद से नीचे लाने की कोशिश की गई. लगातार डेढ़ घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में 50 से ज्यादा महिलाओं को क्रेन की सहायता से बचा लिया गया. 

क्रेन से और लोगों को बचाना संभव नहीं था- क्रेन चालक

वहीं, आग की लपटें जब और बढ़ गई तो क्रेन चालक वहां से निकल गए क्योंकि इसके बाद क्रेन से लोगों की सहायता करना संभव नहीं था. आग की लपटे दूर-दूर तक फैलने लगी. क्रेन चालक और चश्मदीदों के अनुसार उस वक्त तक भी वहां दमकल की कोई गाड़ी नहीं पहुंची थी. हालांकि पुलिस प्रशासन पहुंच चुकी थी. क्रेन के मालिक सुधीर कुमार का कहना है कि हमें बोला गया था जब तक संभव हो तब तक लोगों को बचाओ. 

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