पंजाब में कांग्रेस के जीतने का सचिन पायलट ने किया दावा, कहा- विपक्ष बिखरा हुआ है

Punjab Elections: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पंजाब में अपनी पार्टी के एक बार फिर से सरकार बनाने की उम्मीद जताते हुए शुक्रवार को कहा कि राज्य में विपक्ष बिखरा हुआ है. साथ ही इनमें से कोई दल या गठबंधन बहुमत हासिल करने की स्थिति में नहीं है और ऐसे में लोग अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि संवदेनशील सीमावर्ती राज्य पंजाब में शासन करने के लिए कांग्रेस सबसे योग्य है और आम आदमी पार्टी में यह करने की क्षमता का अभाव है.

राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया क्योंकि वह विधायकों का विश्वास खो चुके थे और उनकी नवगठित ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ और उनकी सहयोगी बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) का इस चुनाव में कोई असर नहीं होगा. उनके मुताबिक, विधानसभा चुनाव के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार के कांग्रेस छोड़ने से कांग्रेस की संभावना पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ने वाला है.

सत्ता विरोधी लहर की चुनौती होने की बात को सचिन पायलट ने किया खारिज

पायलट ने पंजाब में कांग्रेस के समक्ष सत्ता विरोधी लहर की चुनौती होने की बात को खारिज करते हुए कहा कि आखिरी के तीन महीनों में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई में सरकार ने मध्य वर्ग और किसानों के लिए बिजली, पानी और आवास के संदर्भ में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं जिन्हें लोगों ने सराहा है. उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘चन्नी जी के पिछले कुछ महीनों के कामों ने कांग्रेस सरकार को लोगों से जोड़ा है.’’

विपक्ष बिखरा हुआ है- पायलट

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जहां तक विपक्ष का सवाल है तो पिछले कई दशकों में हम ऐसा देख रहे हैं कि पंजाब में बहुकोणीय मुकाबला हो रहा है. अमरिंदर सिंह की पार्टी ने बीजेपी से गठबंधन किया है तो अकाली दल ने बसपा के साथ तालमेल किया है. आम आदमी पार्टी अलग चुनाव लड़ रही है. ऐसे में विपक्ष बिखरा हुआ है.’’ उनका कहना है, ‘‘इन विपक्षी दलों में से कोई एक पार्टी या इनका गठबंधन सरकार बनाने या बहुमत हासिल करने की स्थिति में नहीं है. चाहे जितना भी दुष्प्रचार किया जाए या हौवा खड़ा किया जाए, लोग अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि कांग्रेस इस चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करके एक बार फिर से सरकार बनाएगी. पायलट ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जो वादे किए थे, उनको पूरा नहीं कर पा रही है.

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